Solar Aata Chakki
Solar Atta Chakki
गांव में एक चीज है जिसकी जरूरत सभी को होती है और वह होती है आटा चक्की आटा चक्की आपको हर घर में देखने को मिल जाती है चाहे वह बिजली से चलने वाली हो या फिर इंजन से चलने वाली हो या फिर हाथ से चलने वाली हो और ऐसे में आज हम आपको सोलर आटा चक्की के बारे में जानकारी देने वाले हैं कि सोलर आटा चक्की क्या होती है और यह कैसे काम करती है इसको लगाने में कितना खर्च आएगा और इसमें कौन–कौन से उपकरण लगते हैं इन सभी के बारे में हम यहां पर आपको पूरी जानकारी देने वाले हैं तो यदि आप भी अपने घर में सोलर आटा चक्की लगाने के बारे में सोच रहे हैं तो आप इस पोस्ट को ऊपर से लेकर नीचे तक पूरी जरूर पढ़ें जिसके बाद आपको पता चल जाएगा तो चलिए दोस्तों सबसे पहले जानते हैं कि आटा चक्की क्या होती है.
Solar Atta Chakki क्या होती है
आटा चक्की कोई नई चीज नहीं है यह हमारी जो पुरानी आटा चक्की होती है वही आटा चक्की को कन्वर्ट करके सोलर आटा चक्की बना दिया गया है और अब मैं आपको यह बता देता हूं कि यह सोलर आटा चक्की कैसी होती है तो दोस्तों हमारे घर में जो पुरानी इंजन से चलने वाली आटा चक्की होती थी या फिर जो बिजली से चलने वाली आटा चक्की होती थी तो उनमें हम आटा चक्की को चलाने के लिए एक मोटर या फिर इंजन का यूज़ करते थे उसी तरह से सोलर आटा चक्की में भी एक मोटर का ही यूज होता है.
बस फर्क इतना होता है कि यह जो मोटर होती है इसको सोलर पैनल से चलाया जा सकता है इसीलिए इसे सोलर आटा चक्की कहते हैं लेकिन सोलर आटा चक्की लगवाने से पहले आपको यह देखना होगा कि आपकी जो आटा चक्की है वह कितने साइज की है उसी हिसाब से साइज का कैलकुलेट करके आपको मोटर का चुनाव करना होगा के कितने साइज की आटा चक्की के ऊपर कितने HP की मोटर लगेगी उस हिसाब से आपको जो है मोटर लेनी होगी और यह भी देखना होगा कि आपकी जो आटा चक्की है वह 3 फेस की मोटर से चलेगी या फिर सिंगल फेस की तो यह सब चीजें आपको देखनी होगी Solar Atta Chakki लेने से पहले तो चलिए अब जान लेते है की Solar Atta Chakki में कौन-कौन से उपकरण लगते हैं
Chakki में कौन – कौन से उपकरण यूज़ होते है
सोलर आटा चक्की में कई सारे उपकरण लगते हैं जैसे कि सोलर पैनल, मोटर, VFD इस तरह से तो चलिए जान लेते हैं कि कौन-कौन से उपकरण लगते हैं और इनका कहां पर यूज़ होता है
1. Solar Panel
सोलर पैनल के बारे में तो आपको पता ही होगा किसी भी सोलर आइटम का भाग सोलर पैनल ही होता है क्योंकि जहां पर सोलर नाम आ जाता है वहां पर सोलर पैनल जरूर आते हैं और जहां पर सोलर पैनल आते हैं वहीं पर सोलर का नाम जुड़ा होता है तो सोलर पैनल कई प्रकार के होते हैं लेकिन मुख्य रूप से चार प्रकार के होते हैं एक होता है पोलिक्रिस्टलाइन दूसरा मोनोक्रिस्टलाइन और तीसरा होता है हाफ कट जो कि आज के समय में लेटेस्ट है और चौथा है बायफेशियल यह भी लेटेस्ट सोलर पैनल है.
लेकिन यह बायफेशियल सोलर पैनल सभी सोलर पैनल से आगे है क्योंकि यह सोलर पैनल दोनों तरफ से बिजली बनाता है ऊपर से भी और नीचे से भी तो सोलर पैनल के बारे में हमने अलग से पोस्ट बनाई हुई है कि सोलर पैनल कितने टाइप के होते हैं और यह किस तरह से काम करते हैं इन सभी के बारे में हमने अलग से पोस्ट बनाई हुई है तो यदि आपको सोलर पैनल के बारे में ज्यादा जानकारी लेनी है तो आप हमारी वेबसाइट पर विजिट करके सोलर पैनल के बारे में जानकारी ले सकते हैं तो यदि आपको आटा चक्की के लिए सोलर पैनल की जरूरत है तो सबसे पहले आपको देखना होगा कि कौन सी मोटर है और कितने HP की है उस हिसाब से उसको HP से आपको वाट में बदलना होगा और सोलर पैनल वाट के हिसाब से ही मिलते है.
2. VFD
VFD एक तरह का इनवर्टर ही होता है हमारा इनवर्टर यह काम करता है कि जो हमारी बैटरी होती है उससे पावर लेकर हमारे घर के उपकरणों को चलाता है यानी कि DC से AC लाइट को कन्वर्ट करता है और जो हमारी बैटरी चार्जिंग के लिए हमें डीसी लाइट की जरूरत होती है तो उस वक्त हमारा इनवर्टर हमारे घर में आने वाली लाइट को AC से DC में कन्वर्ट करके हमारी बैटरी को चार्ज करता है ठीक वैसे ही VFD भी यही काम करता है VFD हमारे सोलर पैनल से आने वाली DC लाइट को AC में कन्वर्ट करके और आपके घर की मोटर को AC लाइट से चलाता है. इससे आप और भी अपने घर के उपकरण चला सकते हैं लेकिन VFD ज्यादातर मोटर के लिए ही यूज होता है और मोटर चाहे कैसी भी हो चाहे वह आटा चक्की वाली हो या फिर वाटर पंप की मोटर हो या फिर सबमर्सिबल की मोटर चाहे कोई भी हो उसके लिए VFD यूज़ की जाती है और VFD के बारे में भी हमने अलग से पोस्ट बनाई हुई है इसकी पूरी जानकारी दी गई है कि VFD क्या होता है और यह कितने प्रकार की होती है अगर आप VFD के बारे में जानकारी लेना चाहते हैं हमारी वेबसाइट पर विजिट करके VFD के बारे में जानकारी ले सकते हैं
3. Solar Panel Mounting Structure
सोलर पैनल को लगाने के लिए स्टैंड की जरूरत होती है और इस स्टैंड को ही माउंटेन स्ट्रक्चर बोला जाता है तो माउंटेन स्ट्रक्चर भी सोलर सिस्टम का एक अहम अंग है इसके बिना सोलर पैनल लगाना नामुमकिन है
